नीरा आर्य के जीवन पर विश्वभर में अब तक 17 भाषाओं में नाटकों का मंचन हुआ है। तेजपालसिंह धामा ने नीरा आर्य के संदर्भ में कुछ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज बागपत के डीएम को सौंपे थे। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार ने नीरा आर्य के जीवन पर एक पॉडकास्ट वृत्तचित्र का निर्माण किया है, जिसमें तत्कालीन केंद्रीय मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने अपनी आवाज दी है। सावन वर्मा के निर्देशन में आर्यपुत्री फिल्म का निर्माण हुआ है, जिसमें नीरा आर्य के जीवन की कुछ घटनाओं का मार्मिक फिल्मांकन किया गया है। 26 जनवरी 2024 को रिलीज की गई यह फिल्म केवल नीरा आर्य संग्रहालय में ही प्रदर्शन के लिए बनाई गई है। इसका निर्माण व्यावसायिक तौर पर नहीं किया गया। मधु धामा, पूर्व नाम बेगम फरहाना ताज के जीवन के वे पल जो उन्होंने वृद्ध नीरा आर्य के साथ गुजारे उन संस्मरणों पर आधारित यह फिल्म न केवल नीरा आर्य के वृद्धावस्था के जीवन के अनछुए पहलुओं को उजागर करती है, वरन इसमें मधु धामा के जीवनसंघर्ष को दर्शाते हुए उनके द्वारा नीरा आर्य स्मारक एवं पुस्तकालय की स्थापना क्यों की गई यह भी दिखाया गया है।
नीरा आर्य की आत्मकथा पर आधारित प्रथम प्रामाणिक बायोपिक का निर्माण निर्माता विशाल त्यागी कर रहे हैं, जिसके निर्देशक चाणक्यफेम चंद्रप्रकाश द्विवेदी हैं। कंगना रनौत भी नीरा आर्य का किरदार करना चाहती हैं। रूपा अय्यर ने भी नीरा आर्य पर एक फिल्म का निर्माण किया है। निर्माता विश्वबंधु भी नीरा आर्य के जीवन पर फिल्म निर्माण करने की योजना में थे। उडिया निर्देशक जयसेना ने भी नीरा आर्य पर फिल्म बनाने की घोषणा की है। नीरा आर्य के जीवन पर अब तक कुल 14 लोगों ने फिल्म बनाने की घोषणा की, जिनमें से 5 फिल्में पूरी हुई, लेकिन ये सभी कानूनी विवाद के चलते फिलहाल डिब्बों में बंद हैं। केवल आर्यपुत्री ही विभिन्न टीवी चैनलों पर रिलीज हो सकी है। वैसे आर्यपुत्री भी केवल नीरा आर्य स्मारक एवं पुस्तकालय के प्रांगण में ही प्रदर्शन के लिए बनाई गई है, किसी व्यवसाय के लिए नहीं…एक वेबसीरीज से भी कानूनी विवाद के बाद निर्माताओं को नीरा आर्य का किरदार पूरी तरह डिलीट करना पड़ा था…