नीरा आर्य स्मारक एवं पुस्तकालय

नीरा आर्य स्मारक एवं पुस्तकालय की स्थापना साहित्यकार एवं समाजसेवी तेजपालसिंह धामा एवं श्रीमती मधु धामा ने की है। इस स्मारक के लिए भूमि खरीदी गई एवं भवन निर्माण किया गया। इस स्मारक के निर्माण के लिए तेजपालसिंह धामा एवं श्रीमती मधु धामा ने ही संपूर्ण खर्च उठाया है। भूमि क्रय, भवन निर्माण और प्रतिमा इत्यादि पर करीब 70 लाख रुपया खर्च हुआ है। श्रीमती मधु धामा के नाम दिल्ली में एक मकान था, उस मकान को बेचकर श्रीमती मधु धामा ने इस स्मारक के निर्माण में आर्थिक सहयोग दिया। तेजपालसिंह  एवं श्रीमती मधु धामा को नीरा आर्य की अंतिम समय में सेवा-सुश्रूषा का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। नीरा आर्य ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जान बचाने के लिए अपने ही पति की हत्या कर डाली थी।

Inauguration of Neera Arya Memorial and Library

नीरा आर्य संग्रहालय एवं पुस्तकालय की मुख्य योजनाएं

सीताकौर देवी पुस्तकालय

नीरा आर्य स्मारक के परिसर में ही सीताकौर देवी पुस्तकालय की स्थापना की गई है। इस पुस्तकालय में साहित्यिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, बाल साहित्य समेत हरेक प्रकार का साहित्य उपलब्ध है। इस पुस्तकालय में पढ़ने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। यहां तक कि बच्चों को उनकी डिमांड के आधार पर नई पुस्तकें भी खरीदने का प्रबंध पुस्तकालय के फंड से किया जाता है।

नीरा आत्मनिर्भर योजना

नीरा आर्य स्मारक के अंतर्गत नीरा आत्मनिर्भर योजना लागू की गई है। इसके अंतर्गत निर्धन ल​ड़कियों को कपड़ा सिलाई का कार्य न केवल निशुल्क सिखाया जाता है, वरन सिलाई कार्य में निपुण होने के बाद उन्हें सिलाई मशीन एवं कैंची आदि अन्य सामान भी बिल्कुल निशुल्क प्रदान किया जाता है।  एक साल में  50 लड़कियों /महिलाओं को  लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।

आदर्श व्यक्तित्व विकास

नीरा आर्य स्मारक के अधीन बच्चों को व्यक्तित्व विकास के अवसर प्रदान कराए जाते हैं। नाटक, पेंटिंग प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, खेल प्रतियोगिता आदि आयोजनों की योजना है। बच्चों को देश का उत्कृष्ट नागरिक बनाने के लिए महापुरुषों के जीवन पर नाट्य मंचन कला का प्रशिक्षण इत्यादि भी प्रदान किया जाता है।  स्कूलों में अच्छे नंबर वाले छात्र और छात्राओं को पुरस्कार देने की योजना भी है।

नीरा आर्य संग्रहालय एवं पुस्तकालय के निर्माणकर्ताओं के विषय में

तेजपाल सिंह धामा

तेजपाल सिंह धामा ने नीरा आर्य स्मारक के निर्माण के लिए अपने भाई हरबीर सिंह के साथ मिलकर संयुक्त रूप से जमीन खरीदी एवं इसके निर्माण के लिए 51 लाख रुपए नगद खर्च किए।

मधु धामा

मधु धामा ने नीरा आर्य भवन के निर्माण के लिए दिल्ली में अपने नाम से एकमात्र छोटा सा मकान बेचकर 11 लाख रुपए नगद योगदान दिया, इस धन से उस कक्ष का निर्माण हुआ, जिसमें नीरा आर्य की प्रतिमा स्थापित है।

नीरा आर्य स्मारक एवं पुस्तकालय के उद्घाटन समारोह के चित्र

नीरा आर्य स्मारक का लोकार्पण चाणक्य फेम प्रख्यात फिल्म निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम में रामचंद्र वैदिक गुरुकुल के कुलपति स्वामी महेश योगी, रामचंद्र वैदिक गुरुकुल की संरक्षक गरिमा गोयल, वरिष्ठ पत्रकार संगीता अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष बागपत ममता किशोर, प्रसिद्ध लेखक बलवीर सिंह करुण, कृषि वैज्ञानिक डॉ. यशपाल सिंह, छपरौली के विधायक डॉ. अजय कुमार, पूर्व विधायक डॉ. अजय तोमर, पूर्व राज्यमंत्री डॉ. कुलदीप उज्जवल, डॉ. जगपाल सिंह तेवतिया, प्रख्यात लेखक रमाकान्त शर्मा उद्भ्रांत, चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. राघवेंद्र आदि उपस्थित थे।

नीरा आर्य के बारे में महान लोगों के उद्गार

नीरा आर्य को भूल नहीं सकते

नीरा आर्य, मानवती आर्य जैसी वीरांगनाओं का ऋण भला कैसे चुकाया जा सकता है। मेरी आंखों के सामने ही हिन्दुस्तान की आजादी का इतिहास बन रहा था।

बलराज साहनी, फिल्म अभिनेता
मेरी फिल्मी आत्मकथा , पेज 104

नीरा आर्य को भूल नहीं सकती

मैं महानी वीरांगना नीरा आर्य को कदाचित भूल नहीं सकती। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए जो त्याग किया और बलिदान दिया वह निस्संदेह अविस्मरणीय है।

मीनाक्षी लेखी, राजनेता
भारत की कहानी, 27वां एपिसोड

देशभक्ति की पराकाष्ठा

नीरा आर्य ने नेताजी सुभाष की जान बचाने के लिए अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया। त्याग और बलिदान की इससे बड़ी पराकाष्ठा और भला क्या होेगी?

सत्यदेव नारायण सिन्हा, राजनेता व लेखक
ये जासूस महिलाएं, पेज 164

नीरा आर्य स्मारक एवं पुस्तकालय के योजनाकार

निधि धामा

इस स्मारक को भविष्य में जनोपयोगी कैसे बनाया जा सकता है? इसकी रूपरेखा निधि धामा ने तैयार की।

तेजस

तेजस आर्य ने नीरा आर्य स्मारक में क्या—क्या तकनीकी सुविधाएं होंगी, इसकी योजना बनाई ।

तमन्ना

बाल अभिनेत्री तमन्ना आर्य नीरा आर्य स्मारक एवं पुस्तकालय की ब्रांड एम्बेसडर हैं।

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